रायपुर, | छत्तीसगढ़ में महिलाओं को अपने घरेलू खर्च को पूरा करने से लेकर स्वयं के सुखद भविष्य के सपने गढ़ने तक के लिए शासन की महतारी वंदन योजना कारगर साबित होते दिखाई दे रही है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश की महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना की शुरूआत की गई है जिसके अंतर्गत हितग्राही महिलाओं को प्रति माह एक-एक हजार रूपए की राशि प्रदान की जा रही है। अभी तक महतारी वंदन योजना के 9 किस्त जारी हो चुके है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इस योजना की नौवीं किस्त को दीपपर्व के पहले जारी किया गया।
कबीरधाम जिले के आदिवासी और विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा बाहुल्य बोड़ला विकासखण्ड के ग्राम भोंदा के रहने वाले पटेल परिवार की छह महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ मिला रहा है। हर माह प्रत्येक महिला को एक-एक हजार रूपए इस प्रकार पटेल परिवार की सभी 6 महिलाओं को कुल 6 हजार रूपए की राशि मिल रही है। उनके खाते में नौवीं किस्त की राशि भी आ चुकी है। अब तक महतारी वंदन योजना से इस परिवार के खाते में कुल 54 हजार रुपए जमा हो गए है।
कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड के ग्राम बोड़ला में रहने वाले सदाराम पटेल और रामकुमार पटेल दोनों भाई संयुक्त परिवार में रहते हैं। इस परिवार में दिलेश्वरी, मनीषा, अनिता, गनेशिया सहित कुल छः महिलाएं हैं। परिवार की महिलाओं में महतारी वंदन योजना से अपने और अपने बच्चों के भविष्य के प्रति सुरक्षा का अहसास बढ़ने के साथ ही महतारी वंदन उन्हें सुखद भविष्य की योजना बनाने के लिए भी प्रेरित कर रही है। हर माह मिलने वाले महतारी वंदन योजना की राशि से अब परिवार की महिलाओं ने अपने-अपने बच्चों के नाम केन्द्र सरकार द्वारा डाक घर के माध्यम से संचालित होने वाली सुकन्या समृद्धि योजना और ग्रामीण डाक बीमा जैसी योजनाओं में खाता खुलवाने का मन बनाया है। आगामी अनेक वर्षों तक के लिए अपने बच्चों के लिए यह परिवार सुकन्या समृद्धि योजना या ग्रामीण डाक जीवन बीमा जैसी योजनाओं में खाता खोल कर बच्चों के सुखद भविष्य के लिए एक-एक हजार रूपए जोड़ने का मन बनाया है। परिवार के मुखिया और महिलाओं ने डाक घर जा कर इन योजनाओं के फायदे के बारे में पूरी जानकारी भी ले रखी है।
परिवार की महिलाओं को आशा है कि महिलाओं की आर्थिक उन्नति और उनकी समृद्धि के लिए खोली गई महतारी वंदन योजना सतत रूप से संचालित होते रहेगी और उनके खाते में हर माह ऐसे ही पैसे आते रहेंगे। इसलिए इस पैसे को जोड़कर एक बेहतर सुखद प्लान बनाया जा सकता है।
पटेल परिवार की महिलाओं ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई सुकन्या समृद्धि योजना में वह महतारी वंदन योजना की राशि को जमा कराने जा रही हैं, जिससे 15 वर्ष बाद उन्हें एक मुश्तराशि मिले और इस राशि का उपयोग बच्चों के सुखद भविष्य के लिए खर्च किया जा सके। इन महिलाओं ने बताया कि वे महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि को अपने बच्चों की शिक्षा और शादी के लिए जमा कर रहीं हैं। खेती बाड़ी कर अपना और पूरे परिवार का जीवन यापन करने वाले मरार पटेल परिवार के लिए महतारी वंदन योजना आर्थिक समृद्धि और तरक्की का एक मजबूत आधार बन कर सामने आई है। परिवार की सभी बहुएं पढ़ी लिखी है। पटेल परिवार की बहु दिलेश्वरी, मनीषा, अनिता, गनेशिया और इन सभी की सासु मां सुखबती पटेल और बीरझा बाई ने बताया कि आज पूरा परिवार बहुत खुश है। परिवार को हर माह 6 हजार रूपए की अतिरिक्त आमदनी हो रही है। हमारा परिवार हर सुख-दुख में एकजुट है। इसी तरह से पांच साल से परिवार के छहः महिलाओं के खाते में जमा होने राशि का हिसाब करेंगे तो परिवार के पास कुल 3 लाख 60 हजार रूपए की अतिरिक्त आमदनी होगी।
छत्तीसगढ़ की माताओं और बहनों को अब हर माह महतारी वंदन योजना की राशि का इंतजार रहता है। उनको पता है कि छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव की सरकार मोदी की गांरटी के मुताबिक हर माह को महतारी वंदन का पैसा उनके खाते में आ जाएगी। छत्तीसगढ़ की महिलाएं और उनके परिवार महतारी वंदन योजना से अपने आप को सुरक्षित भी महसुस कर रही है, साथ ही सुखद भविष्य की सपने गढ़ने और बूनने भी लग गए है। परिवार और महिलाओं को पूरा यकिन भी होने लगा है कि महतारी वंदन योजना से परिवार की बेटियों की पढ़ाई लिखाई से लेकर उनकी शादी तक का बेहतर प्रबंधन किया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि कबीरधाम जिले में महतारी वंदन की योजना का 2 लाख 55 हजार महिलाओं को लाभ प्राप्त हो रहा है।महिलाओं के खाते में प्रत्येक माह डीबीटी के माध्यम से राशि पहुंच रही है। इस योजना के तहत जिले के सभी लाभार्थी महिलाओं को प्रत्येक माह कुल 23 करोड़ 56 लाख रूपए डीबीटी के माध्यम से राशि अंतरण किया जा रहा है। योजना प्रारंभ होने के बाद से 9 किस्तों के जरिए महिलाओं के खाते में कुल 212 करोड़ 4 लाख रूपए की राशि अंतरित की जा चुकी है।
रायपुर | मुंगेली जिले के ग्राम फरहदा के किसान श्री भरत साहू का कहना है कि एक समय ऐसा भी था, जब खेती-किसानी की छोटी-मोटी जरूरतों की पूर्ति करने के लिए कर्ज लेना पड़ता था, सेठ-साहूकारों का चक्कर लगाना पड़ता था। कई बार कर्ज नहीं मिलने की स्थिति में एक-एक पैसे के लिए मोहताज भी होना पड़ता था। कर्ज के एवज में सेठ-साहूकारों के पास अपने घर की कुछ सामग्री गिरवी रखना पड़ता था, तब जाकर कर्ज मिलता था। लेकिन शासन द्वारा जब से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की गई है, तब से इन सब दिक्कतों से मुक्ति मिल गई है।
उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाली राशि से न केवल घर की छोटी-छोटी जरूरतें पूरी हो रही है, बल्कि इस राशि से खेती-किसानी भी बेहतर तरीके से करने में मदद मिल रहा है। परिवार के भरण-पोषण में भी महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है। इस योजना से उन्हें आर्थिक संबल मिला है। परिवार और समाज में उनका सम्मान बढ़ा है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद ज्ञापित किया है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना भारत सरकार द्वारा शुरू की गई योजना है, जिसका उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र किसान परिवार को सालाना 6000 रुपये की राशि दी जाती है। ये राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है, ताकि उन्हें खेती के काम में आर्थिक मदद मिल सके।
योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास कृषि योग्य भूमि होनी चाहिए। लाभार्थी की पहचान के रूप में आधार कार्ड, बैंक खाता और मोबाइल नंबर होना आवश्यक है। बड़े व व्यावसायिक कृषि करने वाले किसान और किसी अन्य केंद्रीय या राज्य सरकार की नौकरी में लगे व्यक्ति योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। योजना अंतर्गत नए किसान ऑफिशियल वेबसाइट चउापेंदण्हवअण्पद सीएससी अथवा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से सम्पर्क कर पंजीयन करा सकते है।
इस साल 12 नवंबर को तुलसी विवाह आयोजित किया जाएगा |
भगवान विष्णु ने आखिर क्यों किया था तुलसी से विवाह? जानिए इससे जुड़ी पौराणिक कथा
इसके साथ ही चौकी पर अष्टदल कमल बनाएं और कलश स्थापित करें।
इसके बाद गंगाजल या शुद्ध जल भरकर कलश पर स्वास्तिक बनाएं।
इसके बाद गेरू लगे तुलसी के गमले को शालिग्राम की चौकी के दाईं ओर स्थापित करें।
तुलसी का सोलह श्रृंगार करें और साथ-साथ “ऊं तुलसाय नम:” मंत्र का जाप करें।
तुलसी माता के श्रृंगार के बाद गन्ने से विवाह मंडप बनाएं और उन्हें चुनरी ओढ़ाएं।
अब शालिग्राम को चौकी समेत हाथ में लेकर तुलसी की सात परिक्रमा कराएं।
महाप्रसाद जननी सर्व सौभाग्यवर्धिनी, आधि व्याधि हरा नित्यं तुलसी त्वं नमोस्तुते।।
तुलसी श्रीर्महालक्ष्मीर्विद्याविद्या यशस्विनी।
धर्म्या धर्मानना देवी देवीदेवमन: प्रिया।।
लभते सुतरां भक्तिमन्ते विष्णुपदं लभेत्।
