अफ़ग़ानिस्तान के कार्यवाहक गृह मंत्री सिराजुद्दीन हक्कानी ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि काबुल किसी भी प्रकार की आक्रामक कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने यह बयान इस्तांबुल में दोनों देशों के बीच हुई असफल वार्ता के कुछ ही दिनों बाद दिया।
हक्कानी ने कहा कि अफ़ग़ान जनता के बीच आंतरिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी भी विदेशी आक्रमण के ख़िलाफ़ वे हमेशा एकजुट रहते हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि देश की सीमाओं और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा अफ़ग़ानिस्तान की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से है।
संवाद के प्रति लचीलापन दिखाते हुए हक्कानी ने यह भी कहा कि बातचीत के दरवाज़े अब भी खुले हैं और काबुल किसी से टकराव नहीं चाहता।
दूसरी ओर, पाकिस्तान ने कहा है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के ख़िलाफ़ ठोस कार्रवाई और उसके लड़ाकों को अफ़ग़ानिस्तान में पनाह लेने से रोकना किसी भी भविष्य के समझौते के लिए आवश्यक शर्तें हैं। हाल ही में, अफ़ग़ानिस्तान ने इस्लामाबाद को दोबारा चेतावनी दी थी कि यदि पाकिस्तान ने कोई सैन्य कार्रवाई की, तो उसका सख़्त जवाब दिया जाएगा।
