कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अपने नए मंत्रिमंडल में भारतीय मूल की अनीता आनंद को विदेश मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति भारत-कनाडा के तनावपूर्ण संबंधों के बीच आई है, और प्रधानमंत्री कार्नी ने संकेत दिया है कि आनंद का एक प्रमुख लक्ष्य इन लगभग टूट चुके द्विपक्षीय संबंधों को पुनर्स्थापित करना होगा।
इसके साथ ही, कार्नी ने अपनी कैबिनेट में मनिंदर सिद्धू को अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री और दो अन्य भारतीय मूल के नेताओं को राज्य सचिव (राज्यमंत्री समकक्ष) के रूप में नियुक्त किया है। इन नियुक्तियों के माध्यम से उन्होंने कैबिनेट में भारतीय मूल के प्रतिनिधित्व को भी मजबूती दी है।
कार्नी ने अपनी 28-सदस्यीय नई कैबिनेट की घोषणा करते हुए सभी मंत्रियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे "नए विचार, स्पष्ट फोकस और निर्णायक कार्रवाई" के साथ कार्य करें। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की 39 सदस्यीय कैबिनेट की तुलना में मंत्रियों की संख्या घटाकर 28 कर दी है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे सरल, प्रभावी और जवाबदेह प्रशासन देना चाहते हैं।
पूर्व मंत्री रूबी सहोता को पदावनत कर राज्य सचिव बना दिया गया है और उन्हें अपराध नियंत्रण का दायित्व सौंपा गया है, जबकि रणदीप सराय को अंतर्राष्ट्रीय विकास का कार्यभार दिया गया है।
प्रधानमंत्री कार्नी, जिन्होंने हाल ही में हुए चुनावों में लिबरल पार्टी को जीत दिलाई, अब अपनी नीतियों और प्राथमिकताओं के माध्यम से सरकार पर स्वयं की छाप छोड़ने के लिए तैयार हैं। अनीता आनंद की विदेश मंत्री के रूप में नियुक्ति इस दिशा में एक रणनीतिक और संकेतात्मक कदम है, विशेष रूप से भारत-कनाडा संबंधों को पटरी पर लाने के लिहाज से।
