अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की पहली राजकीय यात्रा की शुरुआत सऊदी अरब से की, जहां रियाद में उनका शानदार स्वागत किया गया। सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने खुद उनका स्वागत कर इस दौरे के रणनीतिक महत्व को रेखांकित किया।
यह तीन दिवसीय दौरा ट्रंप के लिए खाड़ी क्षेत्र के साथ अमेरिका के रिश्तों को फिर से मज़बूत करने का अवसर है। दौरे में कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भी शामिल हैं। ट्रंप की इस यात्रा को अमेरिका-खाड़ी संबंधों के पुनर्निर्माण की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।
प्रमुख बिंदु:
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ट्रंप की यह यात्रा मध्य पूर्व के प्रमुख सहयोगियों के साथ संबंधों को मज़बूत करने के लिए की जा रही है।
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13 मई को रियाद में सऊदी-अमेरिका निवेश फोरम आयोजित हो रहा है, जिसमें कई वैश्विक कंपनियों के CEO भाग लेंगे, जैसे:
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ब्लैकरॉक
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पैलंटिर
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सिटीग्रुप
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आईबीएम
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क्वालकॉम
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अल्फाबेट
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फ्रैंकलिन टेम्पलटन
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रणनीतिक महत्व और निवेश पर ध्यान:
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ट्रंप इस यात्रा के दौरान संभावित सऊदी निवेश को आकर्षित करने की योजना बना रहे हैं, जिससे उनका ‘अमेरिका फर्स्ट’ एजेंडा और अधिक ठोस रूप ले सके।
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खाड़ी देशों से संप्रभु धन कोषों के माध्यम से निवेश की नई प्रतिबद्धताओं की उम्मीद है।
भविष्य के संकेत:
ट्रंप के सत्ता में लौटने के बाद, अमेरिका और खाड़ी देशों के बीच संबंधों में नया उत्साह देखा गया है। सऊदी अरब और UAE, जो हाल ही में अमेरिका से परे साझेदारियों की ओर देख रहे थे, अब फिर से वाशिंगटन के साथ सहयोग बढ़ाने को उत्सुक हैं।
यह यात्रा दर्शाती है कि ट्रंप प्रशासन खाड़ी देशों को अमेरिका की विदेश नीति में एक बार फिर प्राथमिकता दे रहा है — आर्थिक, तकनीकी और सामरिक साझेदारियों को नए सिरे से मजबूत करने के उद्देश्य से।
