दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित 24वें एयरपोर्ट शो और ग्लोबल एयरपोर्ट लीडर्स फोरम (GALF) 2025 का आज भव्य समापन हुआ। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में 20 से अधिक देशों के 140 से ज्यादा प्रदर्शकों और 6,000 से अधिक आगंतुकों ने भाग लिया। यह शो वैश्विक विमानन क्षेत्र में सहयोग, नवाचार और निवेश के लिए एक प्रभावशाली मंच के रूप में उभरा।
इस संस्करण में यात्री अनुभव, हवाई यातायात प्रबंधन, कार्बन कटौती, डिजिटलीकरण और शहरी हवाई गतिशीलता पर विशेष ज़ोर दिया गया। ये विषय विमानन उद्योग में स्थिरता और उभरती प्रौद्योगिकी की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हैं।
शेख अहमद बिन सईद अल मकतूम ने उद्घाटन सत्र में दुबई की विमानन क्षेत्र में अग्रणी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लगातार 11वें वर्ष अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए सबसे व्यस्त हवाई अड्डा बना हुआ है। साथ ही, दुबई वर्ल्ड सेंट्रल (DWC) के $35 बिलियन के आगामी विस्तार का भी उल्लेख किया, जो वैश्विक हवाई अड्डा विकास के नए मानक स्थापित करेगा।
कार्यक्रम में भारत के विमानन क्षेत्र पर भी खास ध्यान दिया गया। भारत की 2035 तक 220 नए हवाई अड्डों के निर्माण की योजना और 2030 तक 12 बिलियन डॉलर के निवेश को इस क्षेत्र में बड़ी क्षमता के संकेतक के रूप में देखा गया।
दुबई नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के महानिदेशक मोहम्मद अब्दुल्ला लेंगावी ने नवाचार, सुरक्षा और स्थिरता के लिए दुबई की प्रतिबद्धता दोहराई और इस शो को वैश्विक ज्ञान-विनिमय का केंद्र बताया। एयरपोर्ट शो MEAASA (मध्य पूर्व, अफ्रीका और दक्षिण एशिया) क्षेत्र के $1 ट्रिलियन एयरपोर्ट विकास बाजार का समर्थन करता है, जो 2040 तक 1.1 बिलियन यात्रियों को संभालने की तैयारी में है।
इसके अतिरिक्त, इस आयोजन में:
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12वां ग्लोबल एयरपोर्ट लीडर्स फोरम (GALF)
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वीमेन इन एविएशन मिडिल ईस्ट कॉन्फ्रेंस
भी शामिल थे, जिसमें 70 से अधिक विशेषज्ञ वक्ताओं ने 30 सत्रों में भाग लिया।
रियाद के $50 बिलियन के मेगा एयरपोर्ट प्रोजेक्ट सहित क्षेत्र की दो प्रमुख परियोजनाएं, MENA (मिडल ईस्ट और नॉर्थ अफ्रीका) क्षेत्र के हवाई अड्डा विकास खर्च का 80% प्रतिनिधित्व करती हैं।
