नेपाल के प्रतिनिधि सभा (निचले सदन) में आज आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों पर चर्चा की गई। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस चर्चा के लिए एक प्रस्ताव पेश किया, जिसे राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने 2 मई को संघीय संसद की संयुक्त बैठक में प्रस्तुत किया था।
सरकार की नीति और कार्यक्रमों में संशोधन के लिए संसद में कुल 37 प्रस्ताव दर्ज किए गए हैं। चर्चा के दौरान विभिन्न दलों के सांसदों ने सरकार की योजनाओं और दृष्टिकोण पर सवाल उठाए। विपक्षी दलों ने विशेष रूप से यह आरोप लगाया कि सरकार अगले वित्तीय वर्ष के लिए स्पष्ट दिशा देने में असफल रही है और इसमें समावेशिता, सामाजिक न्याय और सुशासन के प्रति अपेक्षित प्रतिबद्धता का अभाव है।
संसद में उठे इन संशोधन प्रस्तावों के ज़रिए यह मांग की जा रही है कि सरकार अपनी नीतियों में व्यापक बदलाव लाए ताकि ये देश की विविध सामाजिक आवश्यकताओं और विकासात्मक चुनौतियों का बेहतर ढंग से समाधान कर सकें।
