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विटामिन C की कमी से बढ़ सकता है गंभीर बीमारियों का खतरा, जानिए लक्षण और फायदे

Date : 24-Dec-2025

 विटामिन C, जिसे एस्कॉर्बिक एसिड भी कहा जाता है, हमारे शरीर के लिए एक साधारण पोषक तत्व नहीं बल्कि हर कोशिका के सही कामकाज के लिए बेहद जरूरी है। इसकी कमी से होने वाले नुकसान कई बार गंभीर रूप ले सकते हैं, जिनका अंदाजा लोग अक्सर नहीं लगा पाते। शरीर में विटामिन C की अत्यधिक कमी होने पर मसूड़ों से खून आना, घावों का देर से भरना, नसों का कमजोर होना और दांतों की मजबूती कम होना जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।

कोशिकाओं को जोड़कर रखने में अहम भूमिका

विटामिन C शरीर की कोशिकाओं को आपस में जोड़कर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह शरीर की संरचना को मजबूत बनाए रखने का काम करता है। चूंकि मानव शरीर न तो विटामिन C का स्वयं निर्माण कर सकता है और न ही इसे लंबे समय तक संग्रहित कर सकता है, इसलिए रोजाना भोजन के जरिए इसकी पूर्ति करना जरूरी होता है।

रोजाना कितनी मात्रा है जरूरी

सामान्य तौर पर पुरुषों को प्रतिदिन लगभग 90 मिलीग्राम और महिलाओं को 75 मिलीग्राम विटामिन C की आवश्यकता होती है। वहीं गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए यह मात्रा 85 से 120 मिलीग्राम तक हो सकती है। यह जरूरत फल, सब्जियों और हरी पत्तेदार चीज़ों से आसानी से पूरी की जा सकती है।

कोलेजन निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान

विटामिन C का सबसे अहम कार्य कोलेजन का निर्माण करना है। कोलेजन एक ऐसा प्रोटीन है जो त्वचा, हड्डियों, नसों और जोड़ों को मजबूती देता है। पर्याप्त विटामिन C लेने से त्वचा स्वस्थ और चमकदार बनी रहती है, वहीं हड्डियां और जोड़ भी मजबूत रहते हैं।

आयरन के अवशोषण को बढ़ाता है

विटामिन C शरीर में आयरन के अवशोषण को बढ़ाने में भी मदद करता है। यदि आहार में आयरन मौजूद हो लेकिन विटामिन C की कमी हो, तो शरीर आयरन को सही तरह से नहीं अपना पाता। यह विशेष रूप से शाकाहारी लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे एनीमिया का खतरा कम होता है।

शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट

विटामिन C एक मजबूत एंटीऑक्सीडेंट भी है, जो शरीर की कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाता है। ये फ्री रेडिकल्स उम्र बढ़ने, तनाव और प्रदूषण के कारण शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। नियमित सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और हृदय रोगों जैसी समस्याओं का जोखिम कम हो सकता है।

कमी के लक्षण और प्राकृतिक स्रोत

विटामिन C की कमी होने पर थकान, बार-बार सर्दी-जुकाम, मसूड़ों से खून आना, दांतों की कमजोरी और घाव भरने में देरी जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं। गंभीर मामलों में स्कर्वी जैसी बीमारी भी हो सकती है।
इसके प्राकृतिक स्रोतों में आंवला सबसे प्रभावी माना जाता है। इसके अलावा अमरूद, कीवी, संतरा, नींबू, पपीता, स्ट्रॉबेरी, लाल शिमला मिर्च, ब्रोकली और टमाटर भी विटामिन C से भरपूर होते हैं।


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