संसद में सोमवार को दी गई जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय टेली-मेंटल हेल्थ प्रोग्राम के तहत शुरू की गई Tele-MANAS टोल-फ्री हेल्पलाइन पर 2022 से मार्च 2025 के मध्य तक 29,75,000 से ज्यादा कॉल्स आए हैं।
राज्यसभा में लिखित उत्तर देते हुए शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने छात्रों में आत्महत्या के मामलों, खासकर IITs में, और देश में चल रहे मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि National Tele Mental Health Programme के तहत 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने 53 Tele-MANAS सेल्स स्थापित किए हैं (17 जुलाई तक के आंकड़े)।
मंत्री ने कहा कि हेल्पलाइन नंबर पर अब तक 29.75 लाख से अधिक कॉल्स संभाले जा चुके हैं।
डॉ. मजूमदार ने कहा कि युवा छात्रों में आत्महत्या के मामलों को रोकने के लिए सरकार कई स्तरों पर काम कर रही है। छात्रों, शिक्षकों और परिवारों को मानसिक और भावनात्मक सहारा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार ने National Task Force (NTF) भी बनाई है, जो छात्रों में आत्महत्या के प्रमुख कारणों की पहचान करेगी, मौजूदा नियमों का अध्ययन करेगी और छात्रों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सुझाव देगी।
NCRB की 2025 रिपोर्ट के अनुसार, छात्र आत्महत्याएं 2023 में पिछले वर्षों की तुलना में बढ़कर 13,892 हो गईं हैं। वहीं सभी आत्महत्याओं में से 8.1% छात्र हैं।
मजूमदार ने बताया कि आत्महत्या के कई कारण हो सकते हैं—
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करियर/प्रोफेशनल दबाव,
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अकेलापन,
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शोषण या हिंसा,
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पारिवारिक समस्याएं,
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मानसिक विकार,
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शराब का नशा,
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वित्तीय समस्याएं,
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लंबे समय से चल रहा शारीरिक दर्द आदि।
उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्रालय की ‘Manodarpan’ पहल के तहत छात्रों, शिक्षकों और परिवारों को मानसिक और भावनात्मक समर्थन देने के लिए कई गतिविधियां चलाई जाती हैं। इनमें एक राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन भी शामिल है, जहां प्रशिक्षित काउंसलर छात्रों को मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
अन्य उपायों में ‘Sahyog’ लाइव इंटरएक्टिव सेशंस और ‘Paricharcha’ वेबिनार शामिल हैं, जो नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं ताकि मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके।
