आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में अक्सर लोग पीठ में दर्द या बार-बार खांसी जैसी समस्याओं को मामूली मानकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं। हालांकि ये लक्षण कभी-कभी सामान्य नहीं होते, बल्कि गंभीर हृदय रोगों का संकेत भी हो सकते हैं। कई बार दिल से जुड़ी समस्याओं के शुरुआती लक्षण छाती में नहीं, बल्कि पीठ के ऊपरी हिस्से में दिखाई देते हैं। खासकर तब, जब हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज हो या रक्त प्रवाह में कोई रुकावट पैदा हो रही हो।
रात को लेटते समय बढ़ने वाली खांसी भी सिर्फ सर्दी या एलर्जी का असर नहीं, बल्कि हृदय की कार्यक्षमता में कमी का संकेत हो सकता है। जब दिल शरीर के विभिन्न हिस्सों तक रक्त को ठीक से पंप नहीं कर पाता, तो फेफड़ों में तरल पदार्थ जमा होने लगता है, जिससे सांस लेने में परेशानी और लगातार खांसी की समस्या हो सकती है।
अगर किसी को हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज है, तो ऐसे लक्षण उनके लिए और भी अधिक जोखिम भरे हो सकते हैं। खासतौर पर तब, जब पीठ में भारीपन, रात में बार-बार खांसी, हल्की मेहनत में भी थकान या सांस फूलने की शिकायत हो। इसके अलावा, छाती में दबाव, पैरों में सूजन या शरीर में अचानक वजन बढ़ना भी चिंता का विषय हो सकता है।
इन लक्षणों को नजरअंदाज करना भविष्य में बड़े खतरे को न्योता दे सकता है। अगर ये संकेत एक साथ दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना ज़रूरी होता है, क्योंकि यह स्थिति कार्डियक इमरजेंसी की ओर इशारा कर सकती है। ऐसी अवस्था में दिल अचानक काम करना बंद कर सकता है, या रक्त प्रवाह रुक सकता है, जो जीवन के लिए खतरा बन सकता है।
अपनी सेहत को सुरक्षित रखने के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच बेहद जरूरी है। ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराते रहना चाहिए। इसके साथ ही, जीवनशैली में सुधार करना, संतुलित आहार लेना, नियमित रूप से व्यायाम करना और पर्याप्त नींद लेना दिल की सेहत के लिए लाभकारी होता है। धूम्रपान और शराब से दूरी बनाए रखना भी हृदय और फेफड़ों को लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है।
अगर किसी को पीठ दर्द या खांसी की शिकायत लंबे समय तक बनी रहे, तो उसे मामूली समझकर टालना नहीं चाहिए। सही समय पर विशेषज्ञ से सलाह लेकर इलाज शुरू करना जरूरी है। आपात स्थिति में देरी जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर की जानकारी रखना और निकटतम अस्पताल तक जल्दी पहुंचना बेहद आवश्यक है।
पीठ दर्द और खांसी जैसे लक्षण कई बार सामान्य प्रतीत होते हैं, लेकिन ये दिल की बीमारी की गंभीर चेतावनी भी हो सकते हैं। समय पर जागरूकता, सही जांच और उपचार से न केवल हृदय की रक्षा की जा सकती है, बल्कि जीवन भी सुरक्षित रखा जा सकता है।
