प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा-आतंकवाद कहीं भी, किसी भी कारण से और किसी भी रूप में होता है, तो वो मानवता के विरुद्ध है
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि संघर्षों और टकराव से भरा विश्व किसी के भी हित में नहीं हो सकता, आज के समय शांति और भाईचारे की जरूरत है। नई दिल्ली में यशोभूमि में जी-20 देशों के संसदीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन - पी 20 को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि खण्डित विश्व कभी भी वर्तमान चुनौतियों का समाधान नहीं ढूंढ सकता।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सबके विकास और कल्याण के लिए यह समय साथ मिलकर आगे बढने का है। आतंकवाद पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि कहीं भी और किसी भी कारण से आतंकवाद को उचित नहीं ठहराया जा सकता और यह हर हाल में मानवता के खिलाफ है। उन्होंने इस मौके पर वर्ष 2001 में संसद भवन पर हुए आतंकी हमले का उल्लेख किया।
भारत की समृद्ध लोकतांत्रिक परंपरा का उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बडा लोकतंत्र है और उसके पास लोकतांत्रिक संस्थाओं का समृद्ध इतिहास है। उन्होंने कहा कि भारत में न केवल विश्व की सबसे बडी चुनाव प्रक्रिया सम्पन्न होती है, बल्कि इसमें लोगों की भागीदारी भी लगातार बढती जा रही है। उन्होंने कहा कि 2019 के आम चुनाव में साठ करोड से अधिक लोगों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। देश ने प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से चुनाव प्रक्रिया को आधुनिक बनाया है।
प्रधानमंत्री ने देश में महिलाओं के बढते प्रतिनिधित्व का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण उपलब्ध कराने का सरकार का हाल का फैसला देश में संसदीय परंपरा को और मजबूत करेगा।
जी20 के संसदों के पीठासीन अधिकारियों और आमंत्रित देशों ने सम्मेलन के पहले दिन सर्वसम्मति से एक संयुक्त वक्तव्य पर सहमति व्यक्त की । संयुक्त वक्तव्य में कहा गया है कि जी20 प्रक्रिया में संसद के स्तर पर प्रभावी और सार्थक योगदान देने के लिए सभी सदस्य देशों ने मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। इसमें यह भी कहा गया है कि संसदें संघर्षों और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए अंतरराष्ट्रीय शांति, समृद्धि और सद्भाव को बढ़ावा देने के उत्प्रेरक के रूप में अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सार्थक वार्ता जारी रखेंगी। पीठासीन अधिकारियों ने संसद के नए भवन और महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एक तिहाई सीटों का आरक्षण सुनिश्चित करने वाले 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को पारित करने के लिए भी भारतीय संसद को बधाई दी।
प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि 9वां पी-20 सम्मेलन लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग तथा वैश्विक महत्व और वर्तमान चुनौतियों का समाधान ढूंढने की प्रतिबद्धता व्यक्त करता है।
दो दिन का यह सम्मेलन भारत की जी-20 अध्यक्षता की थीम के अनुरूप एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य के लिए संसद विषय पर आयोजित है। इसमें विभिन्न देशों की संसद के पीठासीन अधिकारी और सदस्यों के अलावा अफ्रीकी संसद के प्रतिनिधि भी भाग ले रहे हैं।
पहले सत्र में सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में उपलब्धियों और विकास की गति पर चर्चा की गई। स्पेन, सउदी अरब, ओमान, यूरोपीय के संसद, इटली और दक्षिण अफ्रीका के प्रतिनिधियों ने अपने विचार साझा किये।
दूसरा सत्र वन अर्थ, सस्टेनेबल एनर्जी ट्रांजिशन-गेटवे टू ग्रीन फ्यूचर विषय पर आधारित है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, संयुक्त अरब अमीरात के स्पीकर और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश भाग ले रहे हैं।
