श्रीलंका को अक्सर हिंद महासागर का मोती कहा जाता है। यह देश अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ऊंचे पहाड़ों, विशाल चाय बागानों और समृद्ध संस्कृति के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। भारत और श्रीलंका के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक संबंध भी सदियों पुराने हैं। इसी कारण यहां कई ऐसे पवित्र स्थल हैं जो भारतीय धार्मिक परंपराओं और कथाओं से जुड़े हुए हैं।
इन्हीं में से एक है Ramboda घाटी में स्थित Bhakta Hanuman Temple, जो पहाड़ों के बीच बसा एक शांत और सुंदर मंदिर है। यह स्थान केवल श्रद्धालुओं के लिए ही नहीं, बल्कि प्रकृति प्रेमियों और यात्रियों के लिए भी बेहद खास माना जाता है।
सादगी भरी वास्तुकला और अद्भुत प्राकृतिक दृश्य
भक्त हनुमान मंदिर की वास्तुकला भले ही बहुत भव्य न हो, लेकिन इसकी सादगी ही इसकी सबसे बड़ी खूबसूरती है। मंदिर के प्रवेश द्वारों पर की गई बारीक नक्काशी इसे विशेष बनाती है।
मंदिर के चारों ओर फैली प्राकृतिक सुंदरता यहां आने वाले हर व्यक्ति को मंत्रमुग्ध कर देती है। दूर-दूर तक फैली पहाड़ियां, घने जंगल और हरे-भरे चाय के बागान इस स्थान को बेहद मनमोहक बनाते हैं। साफ मौसम में यहां से दूर चमकती झील भी दिखाई देती है। शाम के समय आसमान में बिखरते रंग इस जगह को किसी सुंदर चित्र जैसा बना देते हैं।
रामायण से जुड़ा इस स्थान का महत्व
रामबोडा घाटी का उल्लेख प्राचीन हिंदू महाकाव्य रामायण में भी मिलता है। मान्यता है कि जब हनुमान जी माता सीता की खोज में लंका पहुंचे थे, तो उन्होंने सबसे पहले इसी स्थान पर कदम रखा था।
कहा जाता है कि समुद्र पार करके लंका पहुंचने के बाद हनुमान जी ने यहां थोड़ी देर विश्राम किया था। इसके बाद वे सीता माता की खोज में आगे बढ़े।
सीता अम्मन मंदिर और पवित्र धारा
भक्त हनुमान मंदिर से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर Seetha Amman Temple स्थित है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यहां बहने वाली एक छोटी धारा के किनारे माता सीता प्रतिदिन प्रार्थना किया करती थीं।
नदी के पास मौजूद कुछ चट्टानों पर स्थानीय लोग हनुमान जी के पदचिह्न होने का दावा भी करते हैं। माना जाता है कि जब हनुमान जी सीता माता से मिले और उन्हें भगवान राम की अंगूठी दी, तब उनके पैरों के निशान वहां पड़ गए थे।
रामबोडा नाम का अर्थ
कुछ इतिहासकारों के अनुसार रामबोडा नाम तमिल शब्द रामपडाई से निकला है, जिसका अर्थ होता है राम की सेना। एक मान्यता यह भी है कि लंका के राजा रावण के साथ युद्ध से पहले भगवान राम ने अपनी सेना को इसी क्षेत्र में एकत्र किया था।
कब बना भक्त हनुमान मंदिर
रामबोडा में स्थित यह मंदिर बहुत प्राचीन नहीं है। इसका निर्माण वर्ष 1999 में Chinmaya Mission द्वारा कराया गया था।
यह मंदिर श्रीलंका के प्रसिद्ध पहाड़ी शहर Nuwara Eliya से लगभग 30 किलोमीटर उत्तर में स्थित है। यह क्षेत्र अपने विशाल चाय बागानों और ठंडी जलवायु के लिए जाना जाता है।
यात्री यहां पहुंचने के लिए Nanu Oya Railway Station तक ट्रेन से आ सकते हैं। वहां से टैक्सी लेकर मंदिर तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।
