पूर्वी तटीय रेलवे (ईस्ट कोस्ट रेलवे) ने यात्रियों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से अपने पूरे क्षेत्र में सौर ऊर्जा से संचालित सीसीटीवी कैमरे और अत्याधुनिक निगरानी ड्रोन तैनात किए हैं। इस पहल का मकसद अनधिकृत प्रवेश को रोकना, दूर-दराज और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाना तथा रेलवे की संपत्ति और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, जिन स्थानों पर बिजली की उपलब्धता सीमित या पूरी तरह अनुपस्थित है, वहां निर्बाध निगरानी सुनिश्चित करने के लिए सोलर-पावर्ड सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। वाल्टेयर मंडल में रेलवे यार्ड और अनधिकृत प्रवेश की आशंका वाले क्षेत्रों में अब तक 113 सौर ऊर्जा आधारित सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि 115 अतिरिक्त कैमरों की खरीद प्रक्रिया जारी है।
इसी तरह, खुर्दा मंडल में चिन्हित महत्वपूर्ण स्थानों पर छह सोलर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और 1,027 नए कैमरों की खरीद का कार्य प्रगति पर है। वहीं, संबलपुर मंडल में रणनीतिक और संवेदनशील क्षेत्रों में 46 सौर ऊर्जा संचालित सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं।
रेलवे का कहना है कि इन कैमरों से सुरक्षा व्यवस्था को व्यापक लाभ मिलेगा। इससे अपराधों पर नियंत्रण, अनधिकृत प्रवेश की घटनाओं में कमी, दूरस्थ इलाकों में प्रभावी निगरानी तथा यात्रियों और आम जनता की सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार होगा। साथ ही, व्यस्त समय के दौरान भीड़ प्रबंधन, आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया और घटना के बाद विश्लेषण में भी मदद मिलेगी।
इसके अतिरिक्त, हवाई निगरानी को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए पूर्वी तटीय रेलवे ने उन्नत निगरानी ड्रोन भी तैनात किए हैं। वर्तमान में कुल पांच ड्रोन परिचालन में हैं, जिनमें खुर्दा रोड और वाल्टेयर मंडल में दो-दो तथा संबलपुर मंडल में एक ड्रोन तैनात है।
रेलवे के अनुसार, इन ड्रोन का उपयोग लंबे रेल खंडों की रियल-टाइम निगरानी, दूरस्थ क्षेत्रों में निरीक्षण, रेलवे यार्ड की सुरक्षा, विशेष अवसरों पर भीड़ प्रबंधन और विभिन्न सुरक्षा अभियानों में किया जा रहा है। रेलवे ने स्पष्ट किया कि यह पहल यात्रियों के लिए एक सुरक्षित, भरोसेमंद और अनुकूल रेलवे वातावरण प्रदान करने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है
