इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) ने भारत के साइबर सिक्योरिटी इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी एजुकेशन एंड अवेयरनेस (ISEA) प्रोजेक्ट के तहत साइबर सिक्योरिटी इनोवेशन चैलेंज (CSIC) 1.0 लॉन्च किया।
MeitY के सचिव एस. कृष्णन ने कार्यक्रम के दौरान कॉन्सेप्ट वीडियो, वेबसाइट, रजिस्ट्रेशन पोर्टल और CSIC 1.0 की रूल बुक पेश की। उन्होंने कहा कि यह पहल दो महत्वपूर्ण आवश्यकताओं को पूरा करती है—छात्रों और पेशेवरों को वास्तविक दुनिया की साइबर चुनौतियों से अवगत कराना और तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करना।
CSIC 1.0 छात्रों को वास्तविक साइबर सुरक्षा चुनौतियों से जोड़ता है, उन्हें कौशल विकसित करने और करियर अवसर प्राप्त करने में मदद करता है। इसके साथ ही यह घरेलू, उत्पाद-उन्मुख समाधान को प्रोत्साहित करता है, जिससे भारत की साइबर सुरक्षा और अधिक मजबूत होती है।
विनायक गोडसे, सीईओ, डेटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (DSCI) ने कहा कि यह पहल छात्रों और शोधकर्ताओं में आरंभिक स्तर से ही नवाचार और उद्यमशीलता को बढ़ावा देती है।
आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रो. वी. कामकोटि ने बताया कि ISEA इनोवेशन चैलेंज मुख्य चुनौतियों की बेहतर समझ प्रदान करता है और परिवर्तनकारी समाधान तैयार करने की स्थिति बनाता है।
सीईआरटी-इन के महानिदेशक डॉ. संजय बहल ने कहा कि यह पहल R&D, अकादमिक क्षेत्र और उद्योग को एक मंच पर लाकर साइबर सुरक्षा में नवाचार को बढ़ावा देती है। उन्होंने जोर दिया कि देश की डिजिटल सुरक्षा में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के नवाचार पहले से कहीं अधिक आवश्यक हैं।
