100 साल पुराने नत्थूजी जगताप स्कूल के नए भवन की मांग, सुशासन तिहार शिविर में सौंपा आवेदन | The Voice TV

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100 साल पुराने नत्थूजी जगताप स्कूल के नए भवन की मांग, सुशासन तिहार शिविर में सौंपा आवेदन

Date : 08-Jun-2026

 धमतरी, 08 जून । सुशासन तिहार के तहत आम जनता की समस्याओं के समयबद्ध निराकरण और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से सोमवार को नत्थूजी जगताप हायर सेकेंडरी स्कूल परिसर में शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में रिसाईपारा पूर्व-पश्चिम, नयापारा और टिकरापारा वार्ड के नागरिकों ने विभिन्न समस्याओं और मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।

इसी दौरान नत्थूजी जगताप हायर सेकेंडरी स्कूल की शाला विकास प्रबंधन समिति ने विद्यालय की जर्जर और लगभग 100 वर्ष पुरानी भवन संरचना को ध्वस्त कर नए भवन के निर्माण की मांग को प्रमुखता से उठाया। समिति अध्यक्ष मुकेश शर्मा तथा सदस्य कुंदन ठाकुर और दमलेश कोसरिया ने अधिकारियों को आवेदन सौंपते हुए बताया कि विद्यालय भवन अपनी आयु पूरी कर चुका है और वर्तमान में विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए खतरा बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि भवन में लगे पुराने शेड के कारण गर्मी के दिनों में कक्षाओं का तापमान अत्यधिक बढ़ जाता है, जिससे छात्रों को पढ़ाई में परेशानी होती है। वहीं भवन में प्रयुक्त लकड़ियों को दीमक लगातार नुकसान पहुंचा रही है और कई हिस्सों की लकड़ी कमजोर होकर टूटने की स्थिति में पहुंच चुकी है।

समिति ने कहा कि भवन वर्षों पुराना होने के कारण उसकी मजबूती लगातार कम हो रही है, इसलिए किसी संभावित दुर्घटना से पहले इसे डिस्मेंटल कर आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया भवन बनाया जाना आवश्यक है। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि यह विद्यालय शहर की महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थाओं में शामिल है और लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है। विद्यालय के विद्यार्थी बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर परिणाम दे रहे हैं तथा सांस्कृतिक गतिविधियों, खेलकूद, स्काउट और एनसीसी जैसे क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके बावजूद विद्यालय को आधारभूत सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है।

समिति ने विद्यालय परिसर की सुरक्षा के लिए चौकीदार की नियुक्ति, नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा परिसर में मौजूद पुराने, जर्जर और आग से क्षतिग्रस्त भवनों को तत्काल हटाने की मांग भी रखी। समिति सदस्यों ने कहा कि विद्यालय में अध्ययनरत अधिकांश छात्र गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों से आते हैं, जिन्हें सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना शासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। उनका कहना है कि नया भवन बनने से न केवल विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि 100 वर्ष पुराने इस विद्यालय को उसका खोया गौरव भी वापस मिल सकेगा।


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