भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने विनय कटियार का हाथ जोड़कर किया स्वागत , ऐसा अंदाज बन गया चर्चा का विषय | The Voice TV

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने विनय कटियार का हाथ जोड़कर किया स्वागत , ऐसा अंदाज बन गया चर्चा का विषय

Date : 13-Jan-2026

 अयोध्या, 13 जनवरी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का अयोध्या में यह पहला आगमन था। पहली बार पार्टी में ऐसा जोश किसी प्रदेश अध्यक्ष के लिए दिखा। ऐसा नहीं कि कुर्मी बिरादरी से पंकज चौधरी पहले प्रदेश अध्यक्ष हैं। इससे पहले ओमप्रकाश सिंह विनय कटियार व स्वतंत्र देव सिंह प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं। इनमें विनय कटियार तो वही हैं जो अयोध्या विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का दावा कर भाजपा के गले की हड्डी बन चुके हैं।

सोहावल के कांटा में स्थित मां वैष्णो देवी महिला महाविद्यालय में प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत में प्रदेश अध्यक्ष जिस अंदाज में विनय कटियार से मिले, उसने सभी को चौंका दिया। पर्दे के पीछे प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत कार्यक्रम की व्यवस्था भाजपा नेता सत्य प्रकाश वर्मा पप्पू के हवाले रही जो महाविद्यालय प्रबंधन से जुड़े हैं। कटियार के नजदीकी लोगों में शामिल हैं।जिले में प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत अभूतपूर्व हुआ। स्वागत के पीछे पार्टी का नजरिया चाहे पूर्वांचल में बिदके कुर्मी वोटो को साधने का रहा हो या फिर कोई अन्य। विनय कटियार राम मंदिर आंदोलन के नेता रहे हैं। तीन बार अयोध्या के सांसद हुए दो बार के राज्यसभा सदस्य होने के बावजूद वह केंद्रीय मंत्री तो कभी नहीं बने लेकिन उनका व्यक्तिव राष्ट्रीय परिचय को भी मोहताज नहीं रहा। इधर कटियार अयोध्या विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की अंगड़ाई लेने लगे हैं जो विधानसभा चुनाव के करीब आते आते केंद्रीय व प्रांतीय नेतृत्व दोनों के सामने संकट खड़ा करेगा। अयोध्या सीट से दो बार जीते विधायक वेद प्रकाश गुप्त तीसरी बार चुनाव लड़ने की तैयारी में स्वयं या पुत्र अमल गुप्त को लेकर हैं तो पूर्व सांसद लल्लू सिंह सांसद बनने से पहले पांच बार इसी सीट से विधायक रह चुके हैं। अयोध्या सीट से लोकसभा चुनाव हारने के बाद उनके भी विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमाने की चर्चा धीरे-धीरे तेजी पकड़ने लगी है। वैसे तो टिकट के दावेदार कई है।विनय कटियार ने जिस तरह से दावेदारी की है, उसे अन्य दावेदारों का परेशान होना स्वाभाविक है। ऐसे में यह कटियार के लिए भी किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं। अगर पार्टी नेतृत्व उनको अयोध्या सीट से टिकट नहीं देता है तो उनके चाहने के बावजूद भी जिले में उनका सजातीय कुर्मी वोटर भाजपा के साथ रहेगा, यह कहना मुश्किल है। भाजपा के लिए यही वह समीकरण है जो कमजोर कड़ी बनने के साथ डंके की चोट पर कटियार के विधानसभा चुनाव में अयोध्या सीट से लड़ने के ऐलान को मजबूती देता है। यह वैसा धर्म संकट है जो कटियार को हाशिए पर धकेलने वालों को आने वाले दिनों में बहुत परेशान करेगा।


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