रामबन में भूस्खलन के चलते जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात निलंबित
जम्मू, 19 जुलाई । जम्मू-कश्मीर में देर रात से भारी बारिश के कारण रामबन में हुए भूस्खलन के चलते जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात निलंबित कर दिया गया है। भारी बारिश को देखते हुए डोडा और किश्तवाड़ जिलों में स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है। जम्मू संभाग में नदियां-नाले उफान पर हैं।
इसी बीच रियासी जिले में त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर में हेलिकॉप्टर और बैटरी कार सेवा भी खराब मौसम के कारण निलंबित कर दी गई है। जम्मू संभाग में देर रात से जारी भारी बारिश जारी है। जिससे रामबन जिले में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ और अधिकारियों को यातायात निलंबित करना पड़ा।
यातायात विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि राजमार्ग अभी भी अवरुद्ध है और लोगों को बहाली का काम पूरा होने तक यात्रा न करने की सलाह दी जाती है। कठुआ जिले में जम्मू-पठानकोट राजमार्ग पर भी यातायात को डायवर्ट किया गया है, जहां तरनाह नाले में अचानक आई बाढ़ के कारण एक पुल के दो खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। मंगलवार रात से हो रही भारी बारिश के कारण प्रशासन ने एहतियात के तौर पर डोडा और किश्तवाड़ जिले में सभी सरकारी और निजी स्कूल दिन भर के लिए बंद कर दिए।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय छात्रों की सुरक्षा के लिए लिया गया है, क्योंकि लगातार बारिश के कारण चिनाब नदी और उसकी सहायक नदियों में जल स्तर बढ़ रहा है। इसी बीच जम्मू संभाग में तवी नदी समेत की अन्य दरिया और नाले उफान पर हैं। जम्मू शहर में तवी नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। अभी जम्मू शहर में तवी नदी में 13 फीट तक जलस्तर बना हुआ है। यहां अलर्ट लेवल 14 फीट, जबकि डेंजर लेवल 17 फीट है। इसी बीच कठुआ और सांबा में बाढ़ की स्थिति गंभीर है क्योंकि कठुआ और बसंतार में उझ समेत सभी नदियां बाढ़ चेतावनी के निशान को पार कर गई हैं।
इस दौरान वैष्णो देवी मंदिर जाने वाले तीर्थयात्रियों के आधार शिविर कटरा में 315.4 मिमी बारिश हुई, जो अब तक की सबसे अधिक बारिश है। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि 1980 के बाद से यह अब तक की सबसे भारी बारिश है। वैष्णो देवी तीर्थयात्रा सुचारू रूप से चल रही है, लेकिन पत्थर गिरने और भूस्खलन की आशंका के मद्देनजर मंदिर तक जाने वाला नया बैटरी कार ट्रैक बंद कर दिया गया है। खराब मौसम के कारण मंदिर के लिए हेलीकॉप्टर सेवा भी निलंबित कर दी गई है।
