चक्रवात दित्वा का कहर: श्रीलंका में 69 मौतें, भारत ने बढ़ाई राहत—कल तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र में landfall की आशंका
चक्रवात दित्वा के प्रभाव से जूझ रहा श्रीलंका गहरी तबाही का सामना कर रहा है। अब तक 69 लोगों की मौत हो चुकी है, 34 लोग लापता हैं और 2,19,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। कई जिलों में 300 मिमी से ज्यादा बारिश, 90 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाएं, बाढ़ और भूस्खलन ने परिवहन, बिजली आपूर्ति और जरूरी सेवाओं को बुरी तरह प्रभावित किया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि चक्रवात के उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने के साथ ही भारी से अत्यधिक भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा बढ़ेगा।
भारत ने "ऑपरेशन सागर बंधु" के तहत श्रीलंका के लिए अपनी आपातकालीन सहायता बढ़ा दी है। श्रीलंका वायुसेना द्वारा प्राप्त 80 टन अतिरिक्त चिकित्सा सामग्री लेकर एक विशेष विमान आज सुबह पहुंचा, और एक और विमान जल्द ही रवाना होने वाला है। इससे पहले आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरि द्वारा राहत सामग्री भेजी जा चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थिति पर चिंता जताते हुए श्रीलंका की हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
श्रीलंका में बचाव दल तेजी से काम कर रहे हैं, क्योंकि बढ़ते नदी जलस्तर और नए भूस्खलन का खतरा और अधिक समुदायों को जोखिम में डाल रहा है। भारतीय नौसेना के हेलीकॉप्टर और आईएनएस विक्रांत से भेजी गई सैन्य नौकाएं दूरदराज के क्षेत्रों में फंसे परिवारों तक पहुंच रही हैं। आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार केलानी और महावेली जैसी कई प्रमुख नदियां बाढ़ के चेतावनी स्तर तक पहुंच चुकी हैं। राहत के लिए 266 अस्थायी आश्रय केंद्र खोले गए हैं, 47 पुलिस डिवीजनों की हेल्पलाइन सक्रिय की गई हैं, और लोगों से आग्रह किया गया है कि वे खराब मौसम के बीच बाढ़, भूस्खलन और पेड़ों के गिरने से संबंधित चेतावनियों को गंभीरता से लें।
चक्रवात दित्वा के कल सुबह उत्तरी तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तट तक पहुंचने की संभावना है, जिससे भारत के भी कई तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
