भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का प्रतीक जन्माष्टमी का पर्व आज पूरे भारत में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा और वृंदावन में जन्माष्टमी को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में बांके बिहारी मंदिर, प्रेम मंदिर, इस्कॉन मंदिर और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर सहित हजारों मंदिरों को आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया गया है। जगह-जगह झांकियां, भजन-कीर्तन और रासलीला के आयोजन हो रहे हैं, जिससे वातावरण पूरी तरह कृष्णमय हो गया है।
इस शुभ अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश और विदेश में बसे सभी भारतीयों को जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। अपने संदेश में उन्होंने इसे आनंद और उत्साह से भरा पर्व बताया। राष्ट्रपति ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन और उनकी शिक्षाएं आत्म-विकास व आत्म-साक्षात्कार की प्रेरणा देती हैं।
उन्होंने आगे कहा कि श्रीकृष्ण ने मानवता को धर्म के मार्ग पर चलकर परम सत्य की प्राप्ति का संदेश दिया। यह पर्व लोगों को योगेश्वर श्रीकृष्ण द्वारा प्रतिपादित शाश्वत मूल्यों को अपनाने और समाज व राष्ट्र को सशक्त बनाने के लिए प्रेरित करता है। राष्ट्रपति ने सभी से आह्वान किया कि वे भगवान कृष्ण की शिक्षाओं का पालन करते हुए एक सशक्त और समरस समाज के निर्माण में योगदान दें।
