भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने भारत–मध्य पूर्व–यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) के प्रभावी कार्यान्वयन और वैश्विक दक्षिण के हितों को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि की है। यह सहमति विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और उनके यूएई समकक्ष शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के बीच हुई बैठक के दौरान सामने आई।
दोनों नेताओं ने अबू धाबी में 16वीं भारत–यूएई संयुक्त आयोग बैठक और भारत–यूएई रणनीतिक वार्ता के पांचवें दौर की सह-अध्यक्षता की। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों के सभी प्रमुख पहलुओं की व्यापक समीक्षा की गई।
चर्चा के दौरान व्यापार, निवेश, ऊर्जा, संपर्क, रक्षा और सुरक्षा, विकास साझेदारी, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, संस्कृति, शिक्षा तथा जन-से-जन संपर्क जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया। दोनों पक्षों ने भारत–यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी की गहराई और विस्तार पर संतोष व्यक्त किया।
बैठक में पश्चिम एशिया की स्थिति सहित आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। नेताओं ने क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और समृद्धि को बनाए रखने और उसे बढ़ावा देने में अपने साझा हितों की पुष्टि की।
विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि यूएई ने अगले वर्ष नई दिल्ली में आयोजित होने वाले एआई इम्पैक्ट समिट और वर्ष 2026 में ब्रिक्स की भारत की अध्यक्षता के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया है।
