धर्मशाला, 15 दिसंबर (हि.स.)। कनाडा की संसद ने तिब्बत के मध्यम मार्ग दृष्टिकोण को लेकर एक प्रस्ताव पारित कर तिब्बती प्रतिनिधियों और चीनी सरकार के बीच बातचीत की बहाली का समर्थन किया है। कनाडाई हाउस ऑफ कॉमन्स ने बीते दिन संसद में सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव को पारित किया है। कनाडाई सांसद गार्नेट जेनुइस ने इस प्रस्ताव को बीते मंगलवार को कनाडा की संसद में प्रस्तुत किया था। इस प्रस्ताव में तिब्बत के मध्यम मार्ग दृष्टिकोण का समर्थन किया गया और तिब्बती प्रतिनिधियों और चीनी सरकार के बीच बातचीत की बहाली का समर्थन किया गया।
यह प्रस्ताव कनाडा की संसद में मंगलवार को सांसद गार्नेट जेनुइस द्वारा प्रस्तुत किया गया था, जो एक कट्टर तिब्बत समर्थक हैं। तिब्बत के प्रति उनकी चिंता और तिब्बतियों की मदद करने के दृढ़ संकल्प ने तिब्बतियों को उनके आत्मनिर्णय के अधिकार को लेकर कार्रवाई करने के लिए उनके प्रस्ताव से सहमत होकर सर्वसम्मति से सदन ने इस प्रस्ताव को परित कर दिया।
उधर सदन द्वारा प्रस्ताव को पारित करने के बाद सांसद गार्नेट ने ट्वीट किया कि ‘कनाडा की संसद ने सर्वसम्मति से मध्य मार्ग के दृष्टिकोण का समर्थन करते हुए मेरे द्वारा लाए गए प्रस्ताव को पारित किया है। चीनी संविधान के ढांचे के भीतर के लिए वास्तविक स्वायत्तता। आपके नेतृत्व और हिमायत के लिए तिब्बती समुदाय को धन्यवाद।
उन्होंने लिखा कि इस तरह के प्रस्ताव का सर्वसम्मति से पारित होना तिब्बत की टोपी में जोड़ा गया एक और पंख है जो तिब्बती लोगों के संघर्ष के लिए आने वाले समय में बेहतर काम करेगा।
गौरतलब है कि तिब्बत की स्वायत्ता को लेकर निर्वासित तिब्बत सरकार और चीन सरकार के प्रतिनिधियों के बीच मध्यम मार्ग दृष्टिकोण के तहत पहले भी वार्ता हो चुकी है। हालांकि इस वार्ता के कोई सकारात्मक परिणाम सामने नही आ सके थे और उसके बाद चीन ने इस वार्ता को दोबारा करने में कोई रूचि भी नही दिखाई है। इसी के चलते निर्वासित तिब्बती सरकार विश्व के विभिन्न देशों से इस बारे में हस्तक्षेप करने और इस वार्ता को दोबारा आगे बढ़ाने के लिए चीन पर दबाव बनाने की रणनीति के तहत काम कर रही है। इसी कड़ी में कनाडा की संसद ने इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर निर्वासित तिब्बत सरकार और तिब्बत के लोगों के लिए एक आस जगाई है। हालांकि देखना यह होगा कि चीन पर इसका कितना असर होता है।
