अमेरिकी एनएसए ने कहा- भारत को दीर्घकालिक, भरोसेमंद साझेदार के रूप में रूस पर दांव लगाना ठीक नहीं | The Voice TV

Quote :

"मेहनत का कोई विकल्प नहीं, बस मजबूत इरादों के साथ आगे बढ़ते रहो।"

International

अमेरिकी एनएसए ने कहा- भारत को दीर्घकालिक, भरोसेमंद साझेदार के रूप में रूस पर दांव लगाना ठीक नहीं

Date : 12-Jul-2024

 वाशिंगटन, 12 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया रूस की यात्रा के बाद दोनों के संबंधों को लेकर अमेरिका के शीर्ष अधिकारी ने गुरुवार को भारत को आगाह किया कि ‘‘एक दीर्घकालिक, भरोसेमंद साझेदार के रूप में रूस पर दांव लगाना ठीक नहीं है’’।
उन्होंने दावा किया कि भारत और चीन के बीच संघर्ष की स्थिति में रूस, नई दिल्ली के बजाय बीजिंग का पक्ष लेगा। अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जेक सुलिवन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हाल की मास्को यात्रा के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए यह टिप्पणी की। मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ व्यापक वार्ता की थी।
सुलिवन ने कहा, हमने भारत समेत दुनिया के हर देश को यह स्पष्ट कर दिया है कि दीर्घकालिक, भरोसेमंद साझेदार के रूप में रूस पर भरोसा करना अच्छा दांव नहीं है। सुलिवन पिछले महीने भारत के अपने समकक्ष अजीत डोभाल के साथ बैठक के लिए भारत आए थे। शीर्ष अमेरिकी अधिकारी ने अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी से भी मुलाकात की थी।
सुलिवन ने कहा, ‘‘रूस चीन के करीब होता जा रहा है। वास्तव में, यह चीन का साझेदार बनता जा रहा है। इस तरह, वे हमेशा भारत के बजाय चीन का पक्ष लेंगे।’’ हालांकि उन्होंने माना कि भारत जैसे देशों के रूस के साथ ऐतिहासिक संबंध हैं और यह स्थिति नाटकीय रूप से रातों-रात बदलने वाली नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी 22वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए दो दिन के लिए रूस में थे और यूक्रेन में जारी संघर्ष के बीच उनकी इस यात्रा पर पश्चिमी देशों की भी करीबी नजर रही है। 


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement