56वां भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) कल रात गोवा के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी इंडोर स्टेडियम में भव्य समापन समारोह के साथ संपन्न हुआ। अपने समापन संबोधन में मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने कहा कि इस वर्ष का महोत्सव रचनात्मक दिमागों, कलात्मकता और वैश्विक सहयोग का अद्भुत संगम रहा, और गोवा ने विचारों व संस्कृतियों के असाधारण मेल को करीब से अनुभव किया।
महोत्सव के दौरान दुनिया भर के अभिनेता, निर्देशक, निर्माता और फिल्मकारों ने अपनी रचनात्मक यात्राएँ और विचार साझा किए, जिससे वैश्विक सिनेमा की विविधता और IFFI की विरासत और अधिक मजबूत दिखाई दी। कल रात आयोजित समापन समारोह ने IFFI 2025 को एक शानदार और यादगार अंत दिया।
समारोह में मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने भारतीय सिनेमा के दिग्गज धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि अर्पित की। रजनीकांत को भारतीय सिनेमा में 50 वर्षों के योगदान के लिए सम्मानित किए जाने पर पूरा मंच सितारों की चमक से जगमगा उठा। वहीं रणवीर सिंह की ऊर्जावान उपस्थिति समारोह का एक और बड़ा आकर्षण रही।
इस वर्ष का गोल्डन पीकॉक पुरस्कार वियतनामी निर्देशक एश्ले मेफेयर की फिल्म स्किन ऑफ यूथ को मिला। यह ड्रामा 1990 के दशक के साइगॉन में रहने वाले सैन और नाम के संघर्षपूर्ण जीवन और प्रेम तथा पहचान की तलाश की कहानी को दर्शाता है।
संतोष दावखर को उनकी मराठी फिल्म गोंधल के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का सिल्वर पीकॉक पुरस्कार दिया गया, जबकि अकिनोला डेविस जूनियर को माई फादर्स शैडो के लिए स्पेशल जूरी अवार्ड मिला।
उबेइमार रियोस को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और जारा सोफिया ओस्तान को लिटिल ट्रबलगर्ल्स के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का सम्मान प्रदान किया गया।
सर्वश्रेष्ठ डेब्यू फीचर फिल्म का सिल्वर पीकॉक पुरस्कार हेसम फराहमंद की माई डॉटर्स हेयर और टोनीस पिल की फ्रैंक को संयुक्त रूप से मिला।
आईसीएफटी–यूनेस्को गांधी पदक एरिक स्वेन्सन की फिल्म सेफ हाउस को प्रदान किया गया, जो शांति और अंतर-सांस्कृतिक संवाद के संदेश के लिए सराही गई।
अन्य प्रमुख पुरस्कारों में शामिल थे —
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सर्वश्रेष्ठ नवोदित भारतीय फीचर फिल्म निर्देशक: करण सिंह त्यागी (केसरी 2)
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सर्वश्रेष्ठ ओटीटी भारतीय पैनोरमा पुरस्कार: बंदिश बैंडिट्स 2
समारोह ने रचनात्मकता, नवाचार और फिल्म निर्माण की शाश्वत भावना का उत्सव मनाते हुए IFFI 2025 का शानदार समापन किया। सिनेमा का यह जादू अब भी बरकरार है—और आगे भी यूँ ही प्रेरित करता रहेगा।
