संसद के कल से शुरू हो रहे मानसून सत्र से पहले आज हुई सर्वदलीय बैठक में सरकार ने लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी राजनीतिक दलों से सहयोग मांगा। संसद परिसर में हुई बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि सत्र के दौरान 31 विधेयक पेश किये जाने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि सरकार मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्षी दलों से इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सहयोग की अपील की।
बैठक के दौरान विपक्षी दलों के नेताओं ने मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर संसद में चर्चा कराने की मांग की। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि पार्टी सत्र के दौरान मणिपुर हिंसा, ओडिसा रेलगाडी दुर्घटना, बाढ, मुद्रास्फीति, बेरोजगारी और भारत की सीमा पर हालात सहित अन्य मुद्दों को उठाएगी। आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने कहा कि कई विपक्षी दल सरकार के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली संशोधन विधेयक 2023 का विरोध करेंगे।
बैठक में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और पीयूष गोयल, कांग्रेस के जयराम रमेश, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, अन्नाद्रमुक के नेता एम. थम्बी दुरई और जनता दल यूनाइटेड के ललन सिंह सहित कई नेता शामिल हुए। इस बीच, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिडला ने सत्र से पहले सदन की विधायी कार्य समिति की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि सभी दलों ने सदन की कार्यवाही में सहयोग करने का आश्वासन दिया है।